गर्भावस्था अपडेट किया गया: 18 जनवरी 2026 5 मिनट पढ़ें

Period Calculator - मासिक धर्म कैलकुलेटर

मासिक धर्म कैलकुलेटर (Period Calculator) एक मुफ्त ऑनलाइन टूल है जो आपकी अंतिम माहवारी की तारीख और चक्र की लंबाई के आधार पर आपकी अगली माहवारी की तारीख, ओव्यूलेशन का समय और प्रजनन दिनों की गणना करता है। यह महिलाओं को अपने मासिक धर्म चक्र को ट्रैक करने और समझने में मदद करता है।

मासिक धर्म कैलकुलेटर क्या है? (What is Period Calculator?)

मासिक धर्म कैलकुलेटर एक उपयोगी उपकरण है जो निम्नलिखित की भविष्यवाणी करता है:

  • अगली माहवारी की तारीख - आपकी अगली पीरियड कब शुरू होगी
  • ओव्यूलेशन का दिन - गर्भधारण के लिए सबसे उपयुक्त समय
  • प्रजनन खिड़की - गर्भवती होने की सबसे अधिक संभावना वाले दिन
  • PMS के लक्षण - प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम कब शुरू हो सकता है
  • आगामी 3-6 माह का चक्र - भविष्य की माहवारी की योजना

मासिक धर्म चक्र क्या है? (What is Menstrual Cycle?)

मासिक धर्म चक्र वह नियमित प्राकृतिक परिवर्तन है जो महिला की प्रजनन प्रणाली में होता है और गर्भधारण को संभव बनाता है। यह माहवारी के पहले दिन से शुरू होता है और अगली माहवारी के पहले दिन तक चलता है।

औसत चक्र: 28 दिन (21-35 दिन सामान्य है) माहवारी की अवधि: 3-7 दिन शुरुआत: मेनार्के (पहली माहवारी) - औसतन 12-13 वर्ष की उम्र समाप्ति: मेनोपॉज - औसतन 45-55 वर्ष की उम्र

अपनी जानकारी दर्ज करें

वह तारीख जब आपका आखिरी मासिक धर्म शुरू हुआ था

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पीरियड्स के बीच औसत दिनों की संख्या (आमतौर पर 28 दिन)

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आपका पीरियड कितने दिनों तक रहता है (आमतौर पर 5 दिन)

मासिक धर्म चक्र के चरण (Phases of Menstrual Cycle)

मासिक धर्म चक्र को दो मुख्य प्रणालियों से समझा जा सकता है: अंडाशय चक्र और गर्भाशय चक्र।

अंडाशय चक्र (Ovarian Cycle)

1. फॉलिकुलर चरण (Follicular Phase) - दिन 1-14

अवधि: माहवारी के पहले दिन से ओव्यूलेशन तक

क्या होता है:

  • पिट्यूटरी ग्रंथि FSH (Follicle Stimulating Hormone) स्रावित करती है
  • अंडाशय में कई फॉलिकल्स (5-20) परिपक्व होने लगते हैं
  • आमतौर पर एक प्रमुख फॉलिकल पूरी तरह विकसित होता है
  • एस्ट्रोजन का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है
  • गर्भाशय की परत (endometrium) मोटी होती है

लक्षण:

  • ऊर्जा का स्तर बढ़ता है
  • त्वचा साफ होती है
  • मूड सकारात्मक होता है
  • सर्वाइकल म्यूकस बढ़ता है

2. ओव्यूलेशन (Ovulation) - दिन 14

समय: 28 दिन के चक्र में लगभग दिन 14 (अगली माहवारी से 14 दिन पहले)

क्या होता है:

  • LH (Luteinizing Hormone) में अचानक वृद्धि (LH surge)
  • LH surge के 24-36 घंटे बाद परिपक्व अंडा अंडाशय से निकलता है
  • अंडा फैलोपियन ट्यूब में जाता है
  • अंडा 12-24 घंटे तक जीवित रहता है

लक्षण:

  • सर्वाइकल म्यूकस पतला, स्पष्ट, खिंचाव वाला (अंडे की सफेदी जैसा)
  • बेसल बॉडी टेम्परेचर 0.5-1°F बढ़ता है
  • एक तरफ पेट में हल्का दर्द (mittelschmerz)
  • हल्का स्पॉटिंग
  • कामेच्छा में वृद्धि
  • स्तन कोमलता

3. ल्यूटियल चरण (Luteal Phase) - दिन 15-28

अवधि: ओव्यूलेशन से अगली माहवारी तक (आमतौर पर 14 दिन - सबसे स्थिर)

क्या होता है:

  • फटा हुआ फॉलिकल कॉर्पस ल्यूटियम बन जाता है
  • कॉर्पस ल्यूटियम प्रोजेस्टेरोन स्रावित करता है
  • प्रोजेस्टेरोन गर्भाशय की परत को आरोपण के लिए तैयार करता है
  • यदि निषेचन होता है: गर्भावस्था शुरू होती है
  • यदि निषेचन नहीं होता: कॉर्पस ल्यूटियम टूटता है, हार्मोन गिरते हैं

लक्षण (विशेष रूप से PMS):

  • स्तन कोमलता और सूजन
  • पेट फूलना
  • थकान
  • मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन
  • भोजन की इच्छा (विशेष रूप से मीठा)
  • मुहांसे
  • सिरदर्द

गर्भाशय चक्र (Uterine Cycle)

1. मासिक धर्म चरण (Menstruation) - दिन 1-5

अवधि: 3-7 दिन (औसतन 5 दिन)

क्या होता है:

  • गर्भाशय की परत (endometrium) टूटती है और निकलती है
  • रक्त, ऊतक और बलगम योनि से बाहर आते हैं
  • रक्तस्राव: 30-80 मिलीलीटर (2-8 चम्मच)
  • एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों कम स्तर पर

लक्षण:

  • योनि से रक्तस्राव
  • पेट में ऐंठन (dysmenorrhea)
  • पीठ दर्द
  • थकान
  • सिरदर्द
  • दस्त या कब्ज

2. प्रोलिफेरेटिव चरण (Proliferative Phase) - दिन 6-14

क्या होता है:

  • एस्ट्रोजन की वृद्धि से गर्भाशय की परत फिर से बनती है
  • परत 2-3 मिमी से 6-8 मिमी मोटी होती है
  • ग्रंथियां और रक्त वाहिकाएं विकसित होती हैं
  • गर्भाशय आरोपण के लिए तैयार होता है

3. सेक्रेटरी चरण (Secretory Phase) - दिन 15-28

क्या होता है:

  • प्रोजेस्टेरोन के प्रभाव में परत और मोटी होती है (10-14 मिमी)
  • ग्रंथियां पोषक तत्व स्रावित करती हैं
  • रक्त आपूर्ति बढ़ती है
  • यदि गर्भावस्था नहीं होती, तो परत टूट जाती है

सामान्य माहवारी चक्र की विशेषताएं

चक्र की लंबाई (Cycle Length)

चक्र प्रकारलंबाईटिप्पणी
छोटा चक्र21-24 दिनसामान्य हो सकता है, लेकिन डॉक्टर से परामर्श करें
औसत चक्र25-28 दिनसबसे आम
लंबा चक्र29-35 दिनसामान्य है
अनियमितहर महीने बदलता हैहार्मोनल असंतुलन, तनाव, PCOS

माहवारी की अवधि (Period Duration)

अवधिवर्गीकरण
2 दिन से कमबहुत कम (oligomenorrhea) - डॉक्टर से परामर्श
3-7 दिनसामान्य
7+ दिनलंबी (menorrhagia) - डॉक्टर से परामर्श

रक्तस्राव की मात्रा (Flow Amount)

मात्राविवरणपैड/टैम्पॉन बदलना
हल्का (Light)20-30 मिली3-4 घंटे में एक बार
सामान्य (Normal)30-60 मिली2-3 घंटे में एक बार
भारी (Heavy)60-80 मिली1-2 घंटे में एक बार
बहुत भारी80+ मिलीहर घंटे, थक्के

मासिक धर्म के लक्षण और प्रबंधन

पीरियड क्रैम्प्स (Dysmenorrhea)

प्राथमिक dysmenorrhea:

  • सामान्य माहवारी दर्द
  • प्रोस्टाग्लैंडिन के कारण (गर्भाशय संकुचन)
  • पेट के निचले हिस्से, पीठ, जांघों में दर्द

घरेलू उपचार:

  • गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड
  • हल्की मालिश
  • गर्म पानी से नहाना
  • योग: बालासन (child’s pose), मार्जरीआसन
  • हर्बल चाय: अदरक, दालचीनी

दवाएं:

  • Ibuprofen (400-600 mg)
  • Naproxen
  • Paracetamol
  • (माहवारी शुरू होने के साथ या थोड़ा पहले लें)

कब चिंता करें:

  • दर्द सामान्य दवाओं से कम नहीं होता
  • दर्द उम्र के साथ बढ़ता जाता है
  • दैनिक गतिविधियों में बाधा

PMS (प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम)

लक्षण (माहवारी से 1-2 सप्ताह पहले):

शारीरिक:

  • स्तन कोमलता
  • पेट फूलना
  • सिरदर्द
  • थकान
  • मुहांसे
  • जोड़ों का दर्द

भावनात्मक:

  • मूड स्विंग्स
  • चिड़चिड़ापन
  • चिंता
  • अवसाद
  • रोना आना
  • एकाग्रता में कमी

प्रबंधन:

  • आहार: नमक कम करें, पानी अधिक, कैफीन कम
  • व्यायाम: प्रतिदिन 30 मिनट
  • नींद: 7-8 घंटे नियमित
  • तनाव कम करें: योग, ध्यान
  • सप्लीमेंट: कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन B6
  • गंभीर मामलों में: डॉक्टर से परामर्श

PMDD (प्री-मेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसॉर्डर)

PMS का गंभीर रूप जो दैनिक जीवन को बाधित करता है:

  • गंभीर अवसाद
  • तीव्र चिंता
  • क्रोध, हिंसक विचार
  • आत्मघाती विचार

यदि ये लक्षण हैं, तुरंत डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

माहवारी स्वच्छता (Menstrual Hygiene)

माहवारी उत्पाद (Menstrual Products)

1. सैनिटरी पैड (Sanitary Pads)

प्रकार:

  • पतले (Thin): हल्के प्रवाह के लिए
  • नियमित (Regular): सामान्य प्रवाह
  • भारी (Heavy/Overnight): भारी प्रवाह और रात के लिए
  • कपड़े के पैड: पुनः प्रयोग योग्य, पर्यावरण के अनुकूल

उपयोग:

  • हर 4-6 घंटे में बदलें
  • भारी प्रवाह में हर 2-3 घंटे
  • लंबे समय तक एक ही पैड = संक्रमण का खतरा

लाभ: उपयोग में आसान, सस्ता, सुरक्षित सीमाएं: असहज हो सकता है, बदबू

2. टैम्पॉन (Tampons)

क्या है: योनि में डाला जाने वाला अवशोषक आकार: Light, Regular, Super उपयोग: हर 4-8 घंटे में बदलें (अधिकतम 8 घंटे)

लाभ: तैरने, व्यायाम में सुविधाजनक सीमाएं: TSS (Toxic Shock Syndrome) का दुर्लभ खतरा

TSS चेतावनी संकेत:

  • तेज बुखार (38.9°C+)
  • चक्कर आना
  • दाने
  • मांसपेशियों में दर्द (तुरंत टैम्पॉन निकालें और डॉक्टर से संपर्क करें)

3. मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual Cup)

क्या है: सिलिकॉन/रबर का लचीला कप जो योनि में रक्त इकट्ठा करता है

उपयोग:

  • पहली बार सम्मिलन में अभ्यास चाहिए
  • हर 8-12 घंटे में खाली करें
  • धोकर फिर से उपयोग करें
  • 5-10 साल तक चलता है

लाभ: पर्यावरण के अनुकूल, किफायती, 12 घंटे तक सुरक्षा सीमाएं: सीखने की अवधि, साफ करना आवश्यक

भारत में ब्रांड: Sirona Cup, Boondh Cup, Sanfe Cup (₹300-1000)

4. पीरियड पैंटी (Period Panties)

क्या है: विशेष अवशोषक परत वाली अंडरवियर

लाभ: सुविधाजनक, पुनः प्रयोग योग्य, रिसाव की सुरक्षा उपयोग: हल्के दिनों में या बैकअप के रूप में

स्वच्छता के नियम

करें (Do’s):

  • हर 4-6 घंटे में पैड बदलें
  • सामने से पीछे की ओर साफ करें
  • रोजाना स्नान करें
  • साफ कपड़ों की अंडरवियर पहनें
  • हाथ धोकर पैड बदलें

न करें (Don’ts):

  • पैड को टॉयलेट में न फ्लश करें
  • सुगंधित उत्पाद योनि में न डालें
  • दो पैड एक साथ न लगाएं
  • गीले/गंदे पैड लंबे समय तक न पहनें
  • अखबार में पैड न लपेटें (स्याही हानिकारक)

पैड का निपटान

घर पर:

  • कागज/पुराने अखबार में लपेटें
  • अलग डस्टबिन में फेंकें (जैविक कचरा)
  • टॉयलेट में कभी न फ्लश करें (नाली बंद हो सकती है)

सार्वजनिक स्थान पर:

  • सैनिटरी बिन का उपयोग करें
  • यदि बिन नहीं है, तो पेपर में लपेटकर डस्टबिन में

पर्यावरण के अनुकूल विकल्प:

  • बायोडिग्रेडेबल पैड
  • कपड़े के पैड (धो सकते हैं)
  • मेंस्ट्रुअल कप

भारत में माहवारी से जुड़े मिथक और तथ्य

मिथक vs तथ्य

मिथकतथ्य
पीरियड में महिला अशुद्ध होती हैपीरियड एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है, अशुद्धता नहीं
मंदिर/पूजा नहीं कर सकतीकोई धार्मिक प्रतिबंध नहीं होना चाहिए
अचार छूने से खराब हो जाता हैपूर्णतः असत्य, कोई वैज्ञानिक आधार नहीं
स्नान नहीं करना चाहिएस्वच्छता के लिए स्नान आवश्यक है
खट्टा/फ्रिज का खाना नहीं खाना चाहिएसभी पौष्टिक भोजन खाएं
व्यायाम नहीं कर सकतेहल्का व्यायाम और योग फायदेमंद है
दर्द सहना जरूरी हैदर्द प्रबंधन सामान्य और स्वस्थ है

माहवारी के बारे में खुलकर बात करें

शिक्षा महत्वपूर्ण है:

  • लड़कियों को 9-10 साल की उम्र से शिक्षित करें
  • माता-पिता खुलकर बात करें
  • स्कूलों में मासिक धर्म शिक्षा
  • लड़कों को भी समझना चाहिए (सहानुभूति और समर्थन)

भारत सरकार की पहल:

  • पैड्स योजना - स्कूलों में मुफ्त सैनिटरी पैड
  • स्वच्छ भारत मिशन - सार्वजनिक शौचालयों में सैनिटरी बिन
  • GST छूट - सैनिटरी पैड पर कोई GST नहीं

अनियमित माहवारी के कारण

सामान्य कारण

1. हार्मोनल असंतुलन

  • PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) - भारतीय महिलाओं में 10-15%
  • थायरॉयड विकार (hyperthyroidism/hypothyroidism)
  • हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया

2. जीवनशैली कारक

  • तनाव और चिंता
  • अत्यधिक वजन कम या बढ़ना
  • अत्यधिक व्यायाम (एथलीट)
  • नींद की कमी

3. चिकित्सा स्थितियां

  • एंडोमेट्रियोसिस
  • गर्भाशय फाइब्रॉयड
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID)
  • गर्भाशय ग्रीवा/गर्भाशय पॉलीप्स

4. दवाएं और उपचार

  • गर्भनिरोधक गोलियां
  • एंटीडिप्रेसेंट
  • कीमोथेरेपी
  • रक्त पतला करने वाली दवाएं

5. उम्र से संबंधित

  • किशोरावस्था: पहले 2-3 साल अनियमित हो सकता है
  • पेरिमेनोपॉज: 40+ में अनियमितता सामान्य

कब डॉक्टर से मिलें?

तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें यदि:

रक्तस्राव से संबंधित

  • बहुत भारी रक्तस्राव: हर घंटे पैड बदलना, बड़े थक्के
  • लंबी अवधि: 7 दिनों से अधिक रक्तस्राव
  • बार-बार: 21 दिन से कम चक्र
  • रक्तस्राव के बीच: माहवारी के बीच में स्पॉटिंग
  • पोस्ट-मेनोपॉजल रक्तस्राव: मेनोपॉज के बाद कोई भी रक्तस्राव

दर्द से संबंधित

  • गंभीर ऐंठन: सामान्य दर्द निवारक से राहत नहीं
  • बढ़ता हुआ दर्द: समय के साथ दर्द बदतर होता है
  • संभोग के दौरान दर्द
  • पेशाब/शौच के दौरान दर्द

चक्र से संबंधित

  • 3 महीने से अधिक समय तक माहवारी नहीं (गर्भावस्था के अलावा)
  • बहुत अनियमित: हर महीने चक्र की लंबाई बदलती है
  • अचानक परिवर्तन: पहले नियमित, अब अनियमित

अन्य लक्षण

  • बुखार और रक्तस्राव (संक्रमण का संकेत)
  • चक्कर आना, कमजोरी (एनीमिया)
  • अत्यधिक बाल बढ़ना, मुहांसे (PCOS)
  • स्तन स्राव (जब गर्भवती या स्तनपान नहीं कर रही हों)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

मासिक धर्म चक्र कितने दिनों का होता है?

औसत मासिक धर्म चक्र 28 दिन का होता है, लेकिन 21-35 दिन पूरी तरह सामान्य है। चक्र की लंबाई माहवारी के पहले दिन से अगली माहवारी के पहले दिन तक गिनी जाती है। हर महिला का चक्र अलग हो सकता है, और यह उम्र, तनाव, स्वास्थ्य और हार्मोन के आधार पर बदल सकता है।

पीरियड कितने दिनों तक आना चाहिए?

सामान्य माहवारी 3-7 दिनों तक रहती है। औसतन 5 दिन सबसे आम है। यदि आपकी माहवारी 2 दिन से कम या 7 दिन से अधिक रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श करें। हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है, लेकिन लगातार बहुत छोटी या बहुत लंबी अवधि चिंता का विषय है।

अगली माहवारी कब आएगी?

अगली माहवारी = अंतिम माहवारी का पहला दिन + आपके चक्र की लंबाई। उदाहरण: यदि आपकी अंतिम माहवारी 1 जनवरी को शुरू हुई और आपका चक्र 28 दिन का है, तो अगली माहवारी 29 जनवरी को शुरू होगी। हमारा कैलकुलेटर आपके लिए स्वचालित रूप से गणना करता है।

क्या तनाव से माहवारी में देरी हो सकती है?

हां, गंभीर या दीर्घकालिक तनाव माहवारी को देरी से ला सकता है या पूरी तरह रोक सकता है। तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) प्रजनन हार्मोन (LH, FSH) को दबा सकता है, जिससे ओव्यूलेशन में देरी या रुकावट होती है। तनाव प्रबंधन (योग, ध्यान, पर्याप्त नींद) से चक्र नियमित हो सकता है।

पीरियड के दौरान क्या खाएं और क्या न खाएं?

खाएं:

  • आयरन युक्त: पालक, चुकंदर, अनार (रक्त हानि की भरपाई)
  • कैल्शियम: दूध, दही (ऐंठन कम करता है)
  • मैग्नीशियम: केला, बादाम (मांसपेशियों को आराम)
  • ओमेगा-3: अखरोट, अलसी (सूजन कम करता है)
  • पानी: खूब पानी पीएं (निर्जलीकरण रोकता है)

सीमित करें:

  • कैफीन (ऐंठन बढ़ा सकता है)
  • नमकीन खाना (सूजन)
  • चीनी (मूड स्विंग्स)
  • तले हुए भोजन (सूजन)
  • शराब (निर्जलीकरण)

पीरियड के दौरान योग और व्यायाम कर सकते हैं?

हां, हल्का व्यायाम और योग वास्तव में फायदेमंद है! व्यायाम से:

  • एंडोर्फिन निकलते हैं (प्राकृतिक दर्द निवारक)
  • ऐंठन कम होती है
  • मूड बेहतर होता है
  • थकान कम होती है

अनुशंसित: चलना, तैरना, हल्का योग (बालासन, मार्जरीआसन) बचें: उल्टे आसन (शीर्षासन), भारी वेटलिफ्टिंग, तीव्र HIIT

पीरियड में कितना खून जाना सामान्य है?

सामान्य रक्त हानि 30-80 मिलीलीटर (2-8 चम्मच) पूरे पीरियड में। यदि आप:

  • हर 1-2 घंटे में पैड बदल रही हैं
  • बड़े रक्त के थक्के (₹5 के सिक्के से बड़े)
  • 7 दिनों से अधिक रक्तस्राव
  • चक्कर, थकान, पीली त्वचा (एनीमिया के लक्षण)

तो डॉक्टर से मिलें। अत्यधिक रक्तस्राव (menorrhagia) का उपचार आवश्यक है।

पहली माहवारी (मेनार्के) कब आती है?

भारतीय लड़कियों में पहली माहवारी औसतन 12-13 वर्ष की उम्र में आती है। हालांकि, 9-16 वर्ष सामान्य सीमा है। यह आनुवंशिकी, पोषण, वजन और समग्र स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। यदि 16 साल तक माहवारी नहीं आई या स्तन विकास के 3 साल बाद भी नहीं आई, तो डॉक्टर से परामर्श करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

मासिक धर्म कैलकुलेटर आपके माहवारी चक्र को ट्रैक करने, समझने और अनुमान लगाने का एक आवश्यक उपकरण है। यह आपको अपनी अगली माहवारी, ओव्यूलेशन और प्रजनन दिनों की योजना बनाने में मदद करता है, जिससे आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकती हैं।

भारतीय महिलाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे माहवारी को शर्म या वर्जना के बजाय एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया के रूप में देखें। उचित स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली, और नियमित चिकित्सा जांच से माहवारी संबंधी समस्याओं को रोका जा सकता है।

याद रखें कि हर महिला का चक्र अद्वितीय है। अपने शरीर को समझें, अपने चक्र को ट्रैक करें, और किसी भी असामान्य परिवर्तन के लिए डॉक्टर से परामर्श करने में संकोच न करें।

अपनी अगली माहवारी की तारीख जानने के लिए ऊपर दिए गए मुफ्त कैलकुलेटर का उपयोग करें!


अस्वीकरण (Disclaimer): यह कैलकुलेटर केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अनियमित माहवारी, गंभीर दर्द या अन्य मासिक धर्म संबंधी चिंताओं के लिए योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। यह कैलकुलेटर गर्भनिरोधक के रूप में भरोसेमंद नहीं है।

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