गर्भावस्था कैलकुलेटर
अपनी अंतिम माहवारी की तारीख (LMP) या गर्भधारण की तारीख से जानें कि आप गर्भावस्था के कौन से सप्ताह और तिमाही में हैं और संभावित प्रसव तिथि क्या है। यह टूल केवल अनुमान देता है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।
गर्भावस्था कैलकुलेटर क्या बताता है
- वर्तमान सप्ताह: आप गर्भावस्था के कितने सप्ताह और दिन में हैं।
- तिमाही: पहली, दूसरी या तीसरी तिमाही।
- प्रसव तिथि: बच्चे के जन्म की संभावित तारीख।
- शिशु का विकास: हर चरण में शिशु के आकार और विकास की मोटी जानकारी।
गर्भावस्था की गणना कैसे होती है
डॉक्टर गर्भावस्था की गिनती अंतिम माहवारी के पहले दिन से करते हैं। असली गर्भधारण लगभग 2 सप्ताह बाद ओव्यूलेशन के समय होता है, पर चिकित्सा में पूरी गर्भावस्था 40 सप्ताह (280 दिन) की मानी जाती है।
नेगेल का नियम: प्रसव तिथि = LMP + 280 दिन (या LMP की तारीख से 3 महीने घटाकर 7 दिन और 1 साल जोड़ना)।
उदाहरण: अंतिम माहवारी 1 जनवरी 2026 को हो, तो संभावित प्रसव तिथि 8 अक्टूबर 2026 होगी।
सटीक तारीख के लिए हमारा प्रसव तिथि कैलकुलेटर भी देखें।
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गर्भावस्था की तीन तिमाहियां
गर्भावस्था तीन तिमाहियों में बंटी होती है। नीचे दी गई जानकारी सामान्य है। हर महिला और हर गर्भावस्था अलग हो सकती है।
पहली तिमाही: सप्ताह 1 से 13
मां में बदलाव: मितली और उल्टी (मॉर्निंग सिकनेस), थकान और नींद, स्तनों में भारीपन, बार-बार पेशाब आना, खाने की पसंद में बदलाव और मूड में उतार-चढ़ाव।
शिशु का विकास: लगभग चौथे से छठे सप्ताह में हृदय धड़कने लगता है, मस्तिष्क और रीढ़ बनने लगते हैं। आठवें सप्ताह तक हाथ-पैर और उंगलियों की शुरुआत हो जाती है।
जरूरी जांचें और कदम:
- पहली प्रसवपूर्व जांच और अल्ट्रासाउंड
- रक्त जांच: ब्लड ग्रुप, Rh फैक्टर, हीमोग्लोबिन आदि
- NT स्कैन (लगभग 11 से 13 सप्ताह)
- डॉक्टर की सलाह से फोलिक एसिड
दूसरी तिमाही: सप्ताह 14 से 27
मां में बदलाव: मितली कम होती है और ऊर्जा बढ़ती है। पेट दिखने लगता है। लगभग 18 से 20 सप्ताह में बच्चे की हलचल महसूस हो सकती है। पीठ दर्द, पैरों में ऐंठन और त्वचा में बदलाव, जैसे खिंचाव के निशान, हो सकते हैं।
शिशु का विकास: बच्चा आवाजें सुनने लगता है, अंग विकसित होते जाते हैं और शरीर पर चर्बी जमना शुरू होती है।
जरूरी जांचें:
- एनोमली स्कैन (लगभग 18 से 20 सप्ताह)
- गर्भावस्था में शुगर की जांच (लगभग 24 से 28 सप्ताह)
- आयरन और कैल्शियम, डॉक्टर की सलाह से
तीसरी तिमाही: सप्ताह 28 से 40
मां में बदलाव: सांस फूलना, बार-बार पेशाब, नींद में दिक्कत, ब्रैक्सटन हिक्स (झूठे संकुचन), पैरों और हाथों में सूजन और थकान।
शिशु का विकास: बच्चे का वजन तेजी से बढ़ता है और फेफड़े परिपक्व होते हैं। आम तौर पर बच्चा सिर नीचे की स्थिति में आ जाता है। 37 सप्ताह के बाद बच्चे को पूर्ण अवधि का माना जाता है।
जरूरी जांचें: डॉक्टर के बताए अनुसार नियमित जांच, अल्ट्रासाउंड, बच्चे की हृदय गति की निगरानी और जरूरत हो तो अन्य जांचें।
गर्भावस्था में आहार और पोषण
खान-पान की सही मात्रा और सप्लीमेंट की खुराक आपके डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ तय करें। सामान्य तौर पर इन पोषक तत्वों पर खास ध्यान दें:
- फोलिक एसिड: शिशु की नलिका संबंधी विकृति रोकने में मदद करता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और खट्टे फल इसके स्रोत हैं।
- आयरन: खून की कमी से बचाता है। पालक, चुकंदर, अनार, दालें, सूखे मेवे और गुड़ अच्छे स्रोत हैं।
- कैल्शियम: हड्डियों और दांतों के लिए। दूध, दही, पनीर, रागी और तिल इसके स्रोत हैं।
- प्रोटीन: शिशु के ऊतकों के निर्माण के लिए। दालें, दूध, अंडे, चिकन, मछली और मूंगफली।
- ओमेगा-3: मस्तिष्क और आंखों के विकास के लिए। अखरोट, अलसी और सुरक्षित मछली।
एक नमूना भारतीय दिनचर्या
- नाश्ता: दलिया, पोहा या उपमा, साथ में दूध और एक फल।
- मध्य-सुबह: छाछ या नारियल पानी और मुट्ठी भर मेवे।
- दोपहर का भोजन: रोटी या चावल, दाल, सब्जी, दही और सलाद।
- शाम: अंकुरित अनाज की चाट या फल।
- रात का खाना: रोटी या चावल, सब्जी और दाल।
इनसे बचें या डॉक्टर से पूछें
- कच्चा या अधपका मांस और अंडे: संक्रमण का खतरा।
- कच्चा पपीता: गर्भावस्था में नहीं खाना चाहिए।
- शराब और तंबाकू: शिशु को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- ज्यादा कैफीन: चाय और कॉफी सीमित मात्रा में ही लें।
- बिना उबाला दूध और बिना पाश्चुरीकृत पनीर या चीज: संक्रमण का खतरा।
- जंक फूड: पोषण कम होता है।
गर्भावस्था में व्यायाम और योग
डॉक्टर की अनुमति के बाद ही शुरू करें, खासकर अगर कोई जटिलता हो।
सुरक्षित विकल्प: रोज लगभग 30 मिनट पैदल चलना, तैराकी, प्रसवपूर्व योग (जैसे वज्रासन, तितली आसन और मार्जरी आसन), शवासन और श्रोणि की मांसपेशियों के केगल व्यायाम।
इनसे बचें: बहुत तेज कार्डियो, फुटबॉल या बास्केटबॉल जैसे खेल, गिरने का खतरा वाले व्यायाम, 20 सप्ताह के बाद पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले व्यायाम और गर्म योग या सौना।
आम समस्याएं और घरेलू उपाय
- मॉर्निंग सिकनेस: सुबह उठकर कुछ सूखा खाएं, थोड़ा-थोड़ा करके बार-बार खाएं और अदरक की चाय पिएं।
- कब्ज: फाइबर वाला भोजन लें, पर्याप्त पानी पिएं और रोज टहलें। आयरन की गोली से कब्ज बढ़े तो डॉक्टर को बताएं।
- पीठ दर्द: सही मुद्रा रखें, हल्की स्ट्रेचिंग करें और आरामदायक जूते पहनें।
- पैरों में सूजन: आराम के समय पैर ऊंचे रखें और टाइट कपड़े या जूते न पहनें। अचानक ज्यादा सूजन खतरे का संकेत हो सकती है।
- गर्भावस्था की शुगर (जेस्टेशनल डायबिटीज): भारतीय महिलाओं में इसका जोखिम अधिक माना जाता है। जांच समय पर कराएं और डॉक्टर के बताए आहार और दवा का पालन करें।
खतरे के संकेत
इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या अस्पताल जाएं:
- योनि से किसी भी मात्रा में रक्तस्राव
- तेज पेट दर्द या लगातार ऐंठन
- पानी की थैली फटना
- बच्चे की हलचल में कमी
- तेज सिरदर्द के साथ नजर धुंधली होना
- चेहरे और हाथों में अचानक सूजन (प्री-एक्लेम्पसिया का संकेत हो सकता है)
- तेज बुखार
- लगातार उल्टी, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाए
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गर्भावस्था के सप्ताह की गिनती कैसे होती है?
गर्भावस्था की गिनती अंतिम माहवारी के पहले दिन से की जाती है। असली गर्भधारण करीब 2 सप्ताह बाद, ओव्यूलेशन के समय होता है, फिर भी चिकित्सा में पूरी गर्भावस्था 40 सप्ताह की मानी जाती है जो अंतिम माहवारी से गिनी जाती है।
मैं गर्भावस्था की किस तिमाही में हूं, यह कैसे जानें?
आम तौर पर पहली तिमाही सप्ताह 1 से 13, दूसरी तिमाही सप्ताह 14 से 27 और तीसरी तिमाही सप्ताह 28 से 40 तक मानी जाती है। कैलकुलेटर में अंतिम माहवारी की तारीख डालते ही आपकी तिमाही पता चल जाती है।
गर्भावस्था में कितना वजन बढ़ना चाहिए?
यह गर्भावस्था से पहले के BMI पर निर्भर करता है। आम तौर पर सामान्य BMI वालों में लगभग 11.5 से 16 किग्रा, कम वजन वालों में लगभग 12.5 से 18 किग्रा, अधिक वजन वालों में लगभग 7 से 11.5 किग्रा और मोटापे में लगभग 5 से 9 किग्रा की बढ़त सुझाई जाती है। अपने लिए सही लक्ष्य डॉक्टर से पूछें।
गर्भावस्था में बच्चे की हलचल कब महसूस होती है?
पहली गर्भावस्था में हलचल आम तौर पर 18 से 20 सप्ताह के बीच महसूस होती है, और बाद की गर्भावस्थाओं में थोड़ी जल्दी, लगभग 16 से 18 सप्ताह में। अगर बच्चे की हलचल अचानक कम हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अस्वीकरण: यह कैलकुलेटर केवल शैक्षिक और जानकारी के उद्देश्य से है। यह चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। व्यक्तिगत सलाह और देखभाल के लिए हमेशा स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।