Due Date Calculator - प्रसव तिथि कैलकुलेटर
प्रसव तिथि कैलकुलेटर (Due Date Calculator) एक मुफ्त ऑनलाइन टूल है जो आपकी अंतिम माहवारी की तारीख (LMP) या गर्भधारण की तारीख के आधार पर आपकी अनुमानित प्रसव तिथि (Expected Delivery Date - EDD) तुरंत निकालता है। यह नेगेल के नियम (Naegele’s Rule) पर आधारित है और भारतीय महिलाओं के लिए ICMR दिशानिर्देशों के अनुरूप डिज़ाइन किया गया है।
प्रसव तिथि कैलकुलेटर क्या है? (What is Due Date Calculator?)
प्रसव तिथि कैलकुलेटर एक चिकित्सकीय उपकरण है जो गर्भवती महिला को उसके बच्चे के जन्म की अनुमानित तारीख बताता है। यह गणना दो तरीकों से की जा सकती है:
- अंतिम माहवारी (LMP) के आधार पर - सबसे आम विधि
- गर्भधारण की तारीख के आधार पर - यदि आपको ओव्यूलेशन या गर्भधारण की सटीक तारीख पता हो
नेगेल का नियम (Naegele’s Rule)
यह सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला फॉर्मूला है जिसे 1838 में जर्मन प्रसूति विशेषज्ञ फ्रांज नेगेल ने विकसित किया था।
फॉर्मूला: प्रसव तिथि = LMP की तारीख - 3 महीने + 7 दिन + 1 साल
सरल गणना: LMP + 280 दिन (40 सप्ताह) = प्रसव तिथि
उदाहरण:
- अंतिम माहवारी: 1 जनवरी 2026
- 3 महीने घटाएं: 1 अक्टूबर 2024
- 7 दिन जोड़ें: 8 अक्टूबर 2024
- 1 साल जोड़ें: 8 अक्टूबर 2026 (प्रसव तिथि)
अपनी प्रसव तिथि की गणना करें
प्रसव तिथि कैसे निर्धारित की जाती है? (How is Due Date Determined?)
विधि 1: अंतिम माहवारी (LMP) से
यह सबसे आम विधि है जो मानती है:
- औसत माहवारी चक्र 28 दिन का है
- ओव्यूलेशन चक्र के 14वें दिन होता है
- गर्भावस्था की कुल अवधि 40 सप्ताह (280 दिन) है
लाभ:
- सरल और तेज़ गणना
- अधिकांश महिलाओं को LMP की तारीख याद रहती है
- मानक चिकित्सा प्रक्रिया
सीमाएं:
- अनियमित माहवारी वाली महिलाओं के लिए कम सटीक
- 28 दिन से छोटे या लंबे चक्र वाली महिलाओं के लिए समायोजन की आवश्यकता
- स्तनपान या गर्भनिरोधक गोलियों के बाद पहली माहवारी भ्रामक हो सकती है
विधि 2: गर्भधारण की तारीख से
यदि आपको गर्भधारण की सटीक तारीख पता है (IUI, IVF, या ज्ञात ओव्यूलेशन):
फॉर्मूला: प्रसव तिथि = गर्भधारण की तारीख + 266 दिन (38 सप्ताह)
लाभ:
- अधिक सटीक (विशेष रूप से IVF/IUI में)
- अनियमित चक्र में उपयोगी
विधि 3: अल्ट्रासाउंड से
प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड (6-12 सप्ताह) सबसे सटीक प्रसव तिथि निर्धारण विधि है:
सप्ताह 6-12: ±3-5 दिन की सटीकता सप्ताह 13-20: ±7 दिन की सटीकता सप्ताह 20+: कम सटीक
अल्ट्रासाउंड भ्रूण के आकार को मापता है (Crown-Rump Length) और विकास के आधार पर गर्भकालीन आयु निर्धारित करता है।
गर्भावस्था की समयसीमा (Pregnancy Timeline)
सप्ताह के अनुसार विभाजन
पूर्ण गर्भावस्था: 40 सप्ताह (280 दिन)
| अवधि | सप्ताह | विवरण |
|---|---|---|
| प्रारंभिक अवधि (Early Term) | 37-38 सप्ताह + 6 दिन | जन्म सुरक्षित लेकिन आदर्श से कम |
| पूर्ण अवधि (Full Term) | 39-40 सप्ताह + 6 दिन | जन्म के लिए आदर्श समय |
| देर से अवधि (Late Term) | 41-41 सप्ताह + 6 दिन | निगरानी आवश्यक |
| समय से बाद (Post Term) | 42+ सप्ताह | प्रेरित प्रसव की आवश्यकता हो सकती है |
महीने के अनुसार विभाजन
| महीना | सप्ताह | त्रैमासिक |
|---|---|---|
| महीना 1 | 1-4 | पहली त्रैमासिक |
| महीना 2 | 5-8 | पहली त्रैमासिक |
| महीना 3 | 9-13 | पहली त्रैमासिक |
| महीना 4 | 14-17 | दूसरी त्रैमासिक |
| महीना 5 | 18-22 | दूसरी त्रैमासिक |
| महीना 6 | 23-27 | दूसरी त्रैमासिक |
| महीना 7 | 28-31 | तीसरी त्रैमासिक |
| महीना 8 | 32-35 | तीसरी त्रैमासिक |
| महीना 9 | 36-40 | तीसरी त्रैमासिक |
प्रसव के लक्षण (Signs of Labor)
प्रारंभिक प्रसव के संकेत (Early Labor Signs)
लाइटनिंग (Lightening):
- बच्चा पेल्विस में नीचे उतरता है
- सांस लेना आसान हो जाता है
- पेशाब की आवृत्ति बढ़ती है
- समय: प्रसव से 2-4 सप्ताह पहले (पहली गर्भावस्था में)
ब्रेक्सटन हिक्स बढ़ना:
- “अभ्यास” संकुचन अधिक बार होते हैं
- अनियमित और दर्द रहित
- आराम करने या पानी पीने से कम हो जाते हैं
म्यूकस प्लग निकलना:
- गुलाबी या भूरे रंग का स्राव
- प्रसव से कुछ दिन से कुछ सप्ताह पहले हो सकता है
नेस्टिंग वृत्ति:
- अचानक ऊर्जा में वृद्धि
- घर साफ करने की इच्छा
- बच्चे के लिए तैयारी करने की तीव्र इच्छा
सक्रिय प्रसव के संकेत (Active Labor Signs)
नियमित संकुचन:
- हर 5-10 मिनट में होते हैं
- 30-70 सेकंड तक रहते हैं
- समय के साथ तीव्र और करीब होते जाते हैं
- आराम करने या स्थिति बदलने से कम नहीं होते
पानी की थैली फटना (Water Breaking):
- एमनियोटिक द्रव का रिसाव या बहाव
- स्पष्ट, गुलाबी या हल्का खूनी तरल
- कभी-कभी अचानक बहाव, कभी-कभी धीरे-धीरे रिसाव
- तुरंत अस्पताल संपर्क करें
गर्भाशय ग्रीवा का फैलाव:
- 4-10 सेमी तक फैलती है
- केवल डॉक्टर की जांच द्वारा निर्धारित
पीठ दर्द और दबाव:
- निचली पीठ में लगातार दर्द
- पेल्विस में दबाव
- जांघों तक फैलने वाला दर्द
कब अस्पताल जाएं? (When to Go to Hospital?)
तुरंत अस्पताल जाएं यदि:
पहली गर्भावस्था:
- संकुचन हर 5 मिनट में 1 घंटे के लिए
दूसरी या बाद की गर्भावस्था:
- संकुचन हर 7-10 मिनट में (तेजी से प्रगति हो सकती है)
तत्काल आवश्यकता (किसी भी गर्भावस्था में):
- पानी की थैली फटना
- योनि से रक्तस्राव
- गंभीर पेट दर्द
- बच्चे की हलचल में कमी
- गंभीर सिरदर्द या दृष्टि में परिवर्तन
- चेहरे या हाथों में अचानक सूजन
प्रसव तिथि से पहले या बाद में जन्म
केवल 5% बच्चे ठीक प्रसव तिथि पर पैदा होते हैं!
सामान्य श्रेणी:
- 50% बच्चे: प्रसव तिथि के ±1 सप्ताह में
- 90% बच्चे: प्रसव तिथि के ±2 सप्ताह में
- 5% बच्चे: ठीक प्रसव तिथि पर
समय से पहले जन्म (Preterm Birth)
परिभाषा: 37 सप्ताह से पहले जन्म
श्रेणियां:
- अत्यंत समय से पहले: < 28 सप्ताह
- बहुत समय से पहले: 28-32 सप्ताह
- मध्यम समय से पहले: 32-34 सप्ताह
- देर से समय से पहले: 34-37 सप्ताह
भारत में दर: लगभग 13% (वैश्विक औसत से अधिक)
जोखिम कारक:
- पिछली समय से पहले प्रसव
- जुड़वाँ/बहु गर्भावस्था
- गर्भाशय या गर्भाशय ग्रीवा की समस्याएं
- संक्रमण
- उच्च रक्तचाप या मधुमेह
- कम उम्र (< 17) या अधिक उम्र (> 35)
- धूम्रपान, शराब, नशीले पदार्थ
रोकथाम:
- नियमित प्रसवपूर्व जांच
- स्वस्थ जीवनशैली
- तनाव प्रबंधन
- प्रोजेस्टेरोन सप्लीमेंट (उच्च जोखिम में)
- गर्भाशय ग्रीवा सिलाई (सर्विकल सर्क्लेज)
समय से बाद का जन्म (Post-term Birth)
परिभाषा: 42 सप्ताह से अधिक
जोखिम:
- बड़ा बच्चा (मैक्रोसोमिया) - प्रसव कठिनाई
- एमनियोटिक द्रव कम होना
- प्लेसेंटा की उम्र बढ़ना - पोषण कम
- मेकोनियम एस्पिरेशन
- स्टिलबर्थ का बढ़ा जोखिम
प्रबंधन:
- सप्ताह 41 के बाद नियमित निगरानी
- NST (Non-Stress Test) - हृदय गति निगरानी
- एमनियोटिक द्रव स्तर की जांच
- सप्ताह 41-42 में प्रसव प्रेरण पर विचार
भारतीय संदर्भ में प्रसव (Childbirth in Indian Context)
प्रसव के प्रकार
सामान्य प्रसव (Normal Delivery):
- योनि के माध्यम से प्राकृतिक जन्म
- सबसे सुरक्षित और तेजी से ठीक होने वाला
- भारत में लगभग 50-60% प्रसव
सहायक योनि प्रसव:
- फोर्सेप्स डिलीवरी
- वैक्यूम एक्सट्रैक्शन (वेंटाउस)
- आपातकालीन स्थितियों में उपयोगी
सिजेरियन सेक्शन (C-Section):
- शल्य चिकित्सा प्रसव
- भारत में दर: निजी अस्पताल 40-60%, सरकारी 10-20%
- आपातकालीन या नियोजित
संकेत:
- बच्चा बहुत बड़ा (CPD - Cephalopelvic Disproportion)
- बच्चा उल्टी स्थिति में (ब्रीच)
- प्लेसेंटा प्रिविया
- भ्रूण में तनाव
- कई गर्भधारण (जुड़वाँ, तीन बच्चे)
- पिछला C-section (VBAC संभव लेकिन जोखिम भरा)
प्रसव की तैयारी (Preparing for Delivery)
सप्ताह 28-36:
- अस्पताल का चुनाव करें
- प्रसवपूर्व कक्षाओं में भाग लें
- प्रसव योजना बनाएं
- बर्थिंग पार्टनर तय करें
सप्ताह 36-40:
- हॉस्पिटल बैग पैक करें
- अस्पताल का मार्ग और समय जांचें
- डॉक्टर से आपातकालीन संपर्क नंबर लें
- नवजात की आवश्यक वस्तुएं तैयार रखें
हॉस्पिटल बैग में क्या रखें:
माँ के लिए:
- आरामदायक कपड़े (2-3 सेट)
- नर्सिंग ब्रा
- सैनिटरी पैड (भारी प्रवाह)
- तौलिया और टॉयलेटरीज
- चप्पल
- पहचान पत्र और चिकित्सा रिकॉर्ड
बच्चे के लिए:
- नवजात कपड़े (3-4 सेट)
- डायपर
- कंबल/रैपर
- मोजे और टोपी
- नवजात कार सीट (घर ले जाने के लिए)
ICMR दिशानिर्देश
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की सिफारिशें:
न्यूनतम प्रसवपूर्व जांचें:
- पहली त्रैमासिक: 1-2 विजिट
- दूसरी त्रैमासिक: 2-3 विजिट
- तीसरी त्रैमासिक: हर 2 सप्ताह, फिर हर सप्ताह
आवश्यक जांचें:
- रक्त समूह और Rh टाइपिंग
- हीमोग्लोबिन स्तर (एनीमिया जांच)
- थायरॉयड फंक्शन टेस्ट
- ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट (GDM)
- HIV, HBsAg, VDRL स्क्रीनिंग
- अल्ट्रासाउंड (2-3 बार)
पोषण सिफारिशें:
- अतिरिक्त 350 कैलोरी/दिन (दूसरी त्रैमासिक)
- अतिरिक्त 500 कैलोरी/दिन (तीसरी त्रैमासिक)
- आयरन: 35 मिग्रा/दिन
- फोलिक एसिड: 500 माइक्रोग्राम/दिन
- कैल्शियम: 1200 मिग्रा/दिन
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रसव तिथि कितनी सटीक होती है?
प्रसव तिथि एक अनुमान है, गारंटी नहीं। केवल 5% बच्चे ठीक प्रसव तिथि पर पैदा होते हैं। अधिकांश बच्चे (90%) प्रसव तिथि से 2 सप्ताह पहले या 2 सप्ताह बाद तक पैदा होते हैं, जो पूरी तरह सामान्य है।
अगर मुझे अपनी LMP याद नहीं है तो क्या करूं?
यदि आपको LMP याद नहीं है:
- प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड (6-12 सप्ताह) सबसे सटीक प्रसव तिथि देगा
- गर्भधारण की तारीख का उपयोग करें (यदि ज्ञात हो)
- डॉक्टर गर्भाशय के आकार से अनुमान लगा सकते हैं
- बच्चे की पहली हलचल (18-20 सप्ताह) से गणना
माहवारी चक्र अनियमित होने पर प्रसव तिथि कैसे निकालें?
अनियमित चक्र में LMP आधारित गणना सटीक नहीं होती। सबसे अच्छा तरीका:
- प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड (6-10 सप्ताह में सबसे सटीक)
- ओव्यूलेशन ट्रैकिंग से गर्भधारण की तारीख
- डॉक्टर द्वारा समायोजित प्रसव तिथि
प्रसव तिथि बदल सकती है क्या?
हां, कुछ परिस्थितियों में:
- प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड यदि LMP से 7+ दिन का अंतर दिखाए
- अनियमित माहवारी में समायोजन
- IVF/IUI में सटीक गर्भधारण तारीख के आधार पर
एक बार प्रसव तिथि निर्धारित होने के बाद (विशेष रूप से प्रारंभिक अल्ट्रासाउंड द्वारा), इसे आमतौर पर नहीं बदला जाता।
जुड़वां बच्चों की प्रसव तिथि कैसे निकालें?
जुड़वां या बहु गर्भावस्था में:
- गणना LMP से समान तरीके से की जाती है
- लेकिन अपेक्षित प्रसव सप्ताह 37-38 है (40 नहीं)
- 60% जुड़वां 37 सप्ताह से पहले पैदा होते हैं
- अधिक नियमित अल्ट्रासाउंड और निगरानी आवश्यक
IVF/IUI में प्रसव तिथि कैसे निकालें?
IVF/IUI में गर्भधारण की सटीक तारीख पता होती है:
- IVF: भ्रूण स्थानांतरण की तारीख + 266 दिन
- 3-दिन भ्रूण: स्थानांतरण तारीख - 17 दिन = LMP
- 5-दिन ब्लास्टोसिस्ट: स्थानांतरण तारीख - 19 दिन = LMP
- IUI: IUI तारीख + 266 दिन
प्रसव तिथि से 2 सप्ताह पहले या बाद में जन्म सामान्य है?
बिल्कुल सामान्य! सप्ताह 37-42 को “टर्म” माना जाता है। आदर्श है सप्ताह 39-40 (फुल टर्म), लेकिन सप्ताह 37-41 + 6 दिन में जन्म पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य है। केवल 42+ सप्ताह को “पोस्ट-टर्म” माना जाता है जिसमें प्रेरण पर विचार किया जाता है।
प्रसव तिथि के बाद क्या होता है?
यदि आप प्रसव तिथि पार कर जाती हैं:
- सप्ताह 40-41: नियमित जांच, प्रतीक्षा ठीक है
- सप्ताह 41: अधिक बार निगरानी (NST, एमनियोटिक द्रव)
- सप्ताह 41-42: प्रसव प्रेरण पर चर्चा
- सप्ताह 42+: आमतौर पर प्रसव प्रेरित किया जाता है
भारत में अधिकांश डॉक्टर सप्ताह 41 के बाद प्रेरण की सलाह देते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
प्रसव तिथि कैलकुलेटर गर्भावस्था की योजना और तैयारी का एक आवश्यक उपकरण है। यह आपको अपने बच्चे के आगमन की अनुमानित तारीख बताता है, जिससे आप शारीरिक, मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार हो सकती हैं।
भारतीय गर्भवती महिलाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे ICMR दिशानिर्देशों का पालन करें, सभी प्रसवपूर्व जांचों में भाग लें और नियमित रूप से अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
याद रखें कि प्रसव तिथि एक अनुमान है - आपका बच्चा अपनी समयसीमा पर आएगा! प्रसव तिथि के आसपास के 4 सप्ताह (2 सप्ताह पहले से 2 सप्ताह बाद तक) की खिड़की पूरी तरह सामान्य है।
अपनी प्रसव तिथि जानने के लिए ऊपर दिए गए मुफ्त कैलकुलेटर का उपयोग करें!
अस्वीकरण (Disclaimer): यह कैलकुलेटर केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। प्रसव तिथि एक अनुमान है और वास्तविक जन्म तिथि भिन्न हो सकती है। व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह, सटीक प्रसव तिथि निर्धारण और प्रसवपूर्व देखभाल के लिए हमेशा योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ या प्रसूति विशेषज्ञ से परामर्श करें।