सामान्य अपडेट किया गया: 18 जनवरी 2026 5 मिनट पढ़ें

Blood Type Calculator - ब्लड ग्रुप कैलकुलेटर

ब्लड टाइप कैलकुलेटर एक मुफ्त ऑनलाइन टूल है जो माता-पिता के ब्लड ग्रुप के आधार पर उनके बच्चे के संभावित ब्लड टाइप की भविष्यवाणी करता है। यह आपको ABO सिस्टम और Rh फैक्टर दोनों के आधार पर सभी संभावित रक्त समूहों और उनकी संभावनाओं को समझने में मदद करता है।

ब्लड टाइप क्या है? (What is Blood Type?)

ब्लड टाइप या ब्लड ग्रुप रक्त कोशिकाओं की सतह पर मौजूद विशिष्ट एंटीजन के आधार पर रक्त का वर्गीकरण है। मुख्य रूप से दो प्रणालियां हैं:

  1. ABO सिस्टम: चार मुख्य रक्त समूह - A, B, AB, और O
  2. Rh सिस्टम: Rh-पॉजिटिव (+) या Rh-नेगेटिव (-)

इन्हें मिलाकर कुल 8 प्रमुख ब्लड टाइप होते हैं: A+, A-, B+, B-, AB+, AB-, O+, O-

ब्लड टाइप की खोज

  • 1900: कार्ल लैंडस्टीनर ने ABO सिस्टम की खोज की
  • 1940: Rh फैक्टर की पहचान हुई
  • नोबेल पुरस्कार: 1930 में लैंडस्टीनर को सम्मानित किया गया

माता-पिता के रक्त समूह दर्ज करें

माता का रक्त समूह

पिता का रक्त समूह

भारत में ब्लड ग्रुप का वितरण (Blood Type Distribution in India)

भारतीय आबादी में ब्लड ग्रुप का वितरण:

ब्लड ग्रुपभारत में प्रतिशतवैश्विक औसत
O+35-40%38%
B+30-35%8%
A+20-25%34%
AB+5-7%3%
O-2-3%7%
B-1-2%2%
A-1-2%6%
AB-<1%1%

विशेष नोट: भारत में B+ और O+ सबसे आम ब्लड ग्रुप हैं, जबकि AB- सबसे दुर्लभ है।

ब्लड टाइप की आनुवंशिकी (Blood Type Genetics)

ABO सिस्टम की आनुवंशिकी

ब्लड टाइप जीन के दो प्रतियों (alleles) द्वारा निर्धारित होता है - एक माता से, एक पिता से।

तीन प्रकार के एलील्स:

  • A एलील: A एंटीजन उत्पन्न करता है
  • B एलील: B एंटीजन उत्पन्न करता है
  • O एलील: कोई एंटीजन नहीं (रिसेसिव)

संभावित संयोजन:

जीनोटाइपब्लड टाइपविवरण
AA या AOAA एलील डोमिनेंट
BB या BOBB एलील डोमिनेंट
ABABA और B दोनों डोमिनेंट
OOOदोनों रिसेसिव

Rh फैक्टर की आनुवंशिकी

Rh सिस्टम:

  • + (पॉजिटिव) एलील: डोमिनेंट
  • - (नेगेटिव) एलील: रिसेसिव

संभावित संयोजन:

माता-पिता का Rhजीनोटाइपबच्चे में Rh
++Homozygous +100% +
+-Heterozygous +75% +, 25% -
Homozygous -100% -

माता-पिता से बच्चे का ब्लड टाइप (Parent to Child Blood Type)

ABO सिस्टम - संभावित संयोजन

माता-पिता दोनों O:

  • बच्चा: 100% O

एक माता-पिता O, दूसरा A:

  • बच्चा: 50% A, 50% O

एक माता-पिता O, दूसरा B:

  • बच्चा: 50% B, 50% O

एक माता-पिता O, दूसरा AB:

  • बच्चा: 50% A, 50% B

माता-पिता दोनों A:

  • बच्चा: 75% A, 25% O

माता-पिता दोनों B:

  • बच्चा: 75% B, 25% O

एक माता-पिता A, दूसरा B:

  • बच्चा: 25% A, 25% B, 25% AB, 25% O

एक माता-पिता A, दूसरा AB:

  • बच्चा: 37.5% A, 37.5% AB, 12.5% B, 12.5% O

एक माता-पिता B, दूसरा AB:

  • बच्चा: 37.5% B, 37.5% AB, 12.5% A, 12.5% O

माता-पिता दोनों AB:

  • बच्चा: 50% AB, 25% A, 25% B

विस्तृत आनुवंशिक तालिका

माता-पिता के सभी संयोजनों के लिए संभावित बच्चे के ब्लड टाइप:

माता ↓ / पिता →OABAB
OOO, AO, BA, B
AO, AO, AO, A, B, ABA, B, AB
BO, BO, A, B, ABO, BA, B, AB
ABA, BA, B, ABA, B, ABA, B, AB

ब्लड ग्रुप संगतता (Blood Group Compatibility)

रक्तदान संगतता (Blood Donation Compatibility)

कौन किसे रक्त दे सकता है:

दाता ब्लड टाइपप्राप्तकर्ता ब्लड टाइप
O-सभी (सार्वभौमिक दाता)
O+O+, A+, B+, AB+
A-A-, A+, AB-, AB+
A+A+, AB+
B-B-, B+, AB-, AB+
B+B+, AB+
AB-AB-, AB+
AB+AB+ (सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता)

महत्वपूर्ण नियम:

  1. O- सार्वभौमिक दाता: सभी को दे सकता है
  2. AB+ सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता: सभी से ले सकता है
  3. Rh- व्यक्ति: केवल Rh- रक्त ले सकता है
  4. Rh+ व्यक्ति: Rh+ और Rh- दोनों ले सकता है

आपातकालीन रक्तदान

आपातकाल में जब ब्लड टाइप अज्ञात हो:

  • O- रक्त: सबसे सुरक्षित विकल्प
  • AB प्लाज्मा: सभी के लिए सुरक्षित
  • O+ रक्त: Rh+ प्राप्तकर्ताओं के लिए

गर्भावस्था और Rh असंगति (Pregnancy & Rh Incompatibility)

Rh असंगति क्या है?

जब माता Rh-नेगेटिव है और बच्चा Rh-पॉजिटिव (पिता से विरासत में मिला):

समस्या:

  • माता की प्रतिरक्षा प्रणाली बच्चे के Rh+ रक्त कोशिकाओं को विदेशी मानती है
  • एंटीबॉडीज बनाती है जो बच्चे के रक्त कोशिकाओं पर हमला करती हैं
  • हेमोलिटिक डिजीज ऑफ द न्यूबॉर्न (HDN) हो सकता है

Rh असंगति के परिदृश्य:

मातापिताबच्चाजोखिम
Rh-Rh-Rh-कोई जोखिम नहीं
Rh-Rh+Rh+ या Rh-जोखिम है
Rh+Rh-Rh+ या Rh-कोई जोखिम नहीं
Rh+Rh+Rh+कोई जोखिम नहीं

रोकथाम और उपचार

RhoGAM इंजेक्शन:

  • कब: गर्भावस्था के 28 सप्ताह में और प्रसव के 72 घंटे के भीतर
  • कैसे काम करता है: माता की प्रतिरक्षा प्रणाली को बच्चे के Rh+ कोशिकाओं पर एंटीबॉडीज बनाने से रोकता है
  • प्रभावशीलता: 99% से अधिक प्रभावी

अन्य स्थितियां जब RhoGAM आवश्यक:

  • गर्भपात
  • एक्टोपिक गर्भावस्था
  • एमनियोसेंटेसिस
  • गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव

ब्लड टाइप और स्वास्थ्य (Blood Type & Health)

रोग जोखिम और ब्लड टाइप

अनुसंधान से पता चलता है कि कुछ रोगों का जोखिम ब्लड टाइप से जुड़ा हो सकता है:

टाइप O:

  • कम जोखिम: हृदय रोग, कुछ प्रकार के कैंसर
  • अधिक जोखिम: पेट के अल्सर, रक्तस्राव विकार

टाइप A:

  • कम जोखिम: रक्तस्राव विकार
  • अधिक जोखिम: पेट का कैंसर, हृदय रोग

टाइप B:

  • कम जोखिम: हृदय रोग
  • अधिक जोखिम: अग्न्याशय का कैंसर

टाइप AB:

  • कम जोखिम: एलर्जी
  • अधिक जोखिम: रक्त के थक्के, मेमोरी समस्याएं

महत्वपूर्ण: ये सहसंबंध हैं, कारण नहीं। जीवनशैली और आनुवंशिकी अधिक महत्वपूर्ण हैं।

COVID-19 और ब्लड टाइप

2020-2021 के अध्ययनों से संकेत मिले:

  • O टाइप: थोड़ा कम जोखिम
  • A टाइप: थोड़ा अधिक जोखिम
  • प्रभाव: छोटा, टीकाकरण और सावधानियां अधिक महत्वपूर्ण

ब्लड टाइप परीक्षण (Blood Type Testing)

ब्लड टाइप कैसे पता करें?

1. रक्त परीक्षण:

  • एंटीजन परीक्षण: रक्त कोशिकाओं पर A/B एंटीजन की जांच
  • एंटीबॉडी परीक्षण: सीरम में A/B एंटीबॉडीज की जांच
  • Rh परीक्षण: Rh फैक्टर की उपस्थिति की जांच

2. कहां कराएं:

  • अस्पताल और नैदानिक केंद्र
  • रक्तदान शिविर: मुफ्त परीक्षण
  • पैथोलॉजी लैब: ₹200-500
  • घरेलू परीक्षण किट: उपलब्ध लेकिन कम सटीक

3. परिणाम का समय:

  • तुरंत: आपातकाल में
  • कुछ घंटे: नियमित परीक्षण
  • 1-2 दिन: विस्तृत टाइपिंग

ब्लड टाइप रिकॉर्ड कहां मिलता है?

  • जन्म रिकॉर्ड: कुछ अस्पताल नोट करते हैं
  • रक्तदान कार्ड: रक्तदान करने पर
  • चिकित्सा रिकॉर्ड: पिछले परीक्षणों में
  • ड्राइविंग लाइसेंस: कुछ राज्यों में वैकल्पिक

भारत में रक्तदान (Blood Donation in India)

रक्तदान की आवश्यकता

भारत में वार्षिक रक्त की मांग और आपूर्ति:

  • वार्षिक आवश्यकता: लगभग 12 मिलियन यूनिट
  • वार्षिक संग्रह: लगभग 9-10 मिलियन यूनिट
  • कमी: 2-3 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष
  • दुर्लभ ब्लड टाइप: गंभीर कमी (खासकर O-, AB-)

रक्तदान के लाभ

दाता के लिए:

  • स्वास्थ्य जांच: मुफ्त रक्त जांच
  • हृदय स्वास्थ्य: नियमित दान से लाभ
  • कैलोरी जलाना: एक दान में ~650 कैलोरी
  • मानसिक संतुष्टि: जीवन बचाने का अवसर

समाज के लिए:

  • आपातकालीन आपूर्ति: दुर्घटनाओं में जीवन रक्षा
  • सर्जरी: ऑपरेशन के लिए आवश्यक
  • कैंसर उपचार: थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया रोगियों के लिए
  • गर्भावस्था जटिलताएं: प्रसव के दौरान रक्तस्राव

रक्तदान पात्रता

योग्य दाता:

  • आयु: 18-65 वर्ष
  • वजन: कम से कम 45 किलोग्राम
  • हीमोग्लोबिन: पुरुष ≥13 g/dL, महिला ≥12 g/dL
  • स्वास्थ्य: सामान्य रूप से स्वस्थ

अपात्र (अस्थायी):

  • गर्भावस्था और स्तनपान
  • हाल का टैटू/पियर्सिंग (6 महीने)
  • हाल की सर्जरी
  • संक्रमण या बुखार

अपात्र (स्थायी):

  • HIV, हेपेटाइटिस B/C
  • हृदय रोग, मधुमेह (इंसुलिन पर)
  • कैंसर, रक्तस्राव विकार

रक्तदान की प्रक्रिया

  1. पंजीकरण: 5 मिनट
  2. स्वास्थ्य जांच: 5-10 मिनट
  3. रक्तदान: 8-10 मिनट (450 ml)
  4. विश्राम और जलपान: 10-15 मिनट
  5. कुल समय: 30-45 मिनट

ब्लड टाइप के बारे में मिथक (Blood Type Myths)

मिथक 1: ब्लड टाइप व्यक्तित्व निर्धारित करता है

सच्चाई: जापान और कोरिया में लोकप्रिय विश्वास, लेकिन कोई वैज्ञानिक आधार नहीं। व्यक्तित्व कई कारकों से निर्धारित होता है, ब्लड टाइप से नहीं।

मिथक 2: O टाइप सबसे प्राचीन है

सच्चाई: आंशिक सत्य। O सबसे आम है लेकिन “प्राचीन” का कोई विशेष अर्थ नहीं। सभी ब्लड टाइप हजारों वर्षों से मौजूद हैं।

मिथक 3: ब्लड टाइप डाइट काम करती है

सच्चाई: वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नहीं। अध्ययनों ने ब्लड टाइप के आधार पर विशिष्ट आहार की प्रभावशीलता नहीं दिखाई है।

मिथक 4: बच्चे का ब्लड टाइप हमेशा माता-पिता में से एक जैसा होता है

सच्चाई: गलत। बच्चे का ब्लड टाइप माता-पिता दोनों से भिन्न हो सकता है (उदाहरण: A और B माता-पिता से AB या O बच्चा)।

दुर्लभ ब्लड टाइप (Rare Blood Types)

भारत में दुर्लभ ब्लड ग्रुप

सबसे दुर्लभ:

  1. AB- - <1% जनसंख्या
  2. A- - 1-2%
  3. B- - 1-2%
  4. O- - 2-3%

बॉम्बे ब्लड ग्रुप (hh)

अत्यंत दुर्लभ:

  • वैश्विक: 1 in 10,000 से कम
  • भारत में: 1 in 10,000 (विशेष रूप से मुंबई क्षेत्र में)
  • समस्या: केवल hh से रक्त ले सकता है
  • समाधान: दुर्लभ रक्त बैंक, परिवार दाता

दुर्लभ ब्लड टाइप चुनौतियां

  • रक्त मिलना कठिन: आपातकाल में समस्या
  • रक्त बैंक भंडारण: सीमित उपलब्धता
  • यात्रा: विदेश यात्रा पर सावधानी
  • समाधान: दुर्लभ रक्त रजिस्ट्री में पंजीकरण

प्रश्न पूछे जाते हैं (Frequently Asked Questions)

मैं अपना ब्लड ग्रुप कैसे पता करूं?

आप अपना ब्लड ग्रुप निम्नलिखित तरीकों से पता कर सकते हैं:

  1. नजदीकी पैथोलॉजी लैब में रक्त परीक्षण (₹200-500)
  2. रक्तदान शिविर में मुफ्त परीक्षण
  3. अस्पताल में ब्लड टाइपिंग टेस्ट
  4. घरेलू परीक्षण किट (कम सटीक) आपका ब्लड ग्रुप जीवन भर समान रहता है, इसलिए एक बार पता करने के बाद रिकॉर्ड रखें।

क्या ब्लड ग्रुप बदल सकता है?

नहीं, सामान्य परिस्थितियों में आपका ब्लड ग्रुप जीवन भर नहीं बदलता। केवल बहुत दुर्लभ मामलों में परिवर्तन हो सकता है:

  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट (अलग ब्लड ग्रुप के दाता से)
  • कुछ रक्त रोग या कैंसर
  • गलत परीक्षण परिणाम यदि दो परीक्षणों में भिन्न परिणाम आते हैं, तो पुनः परीक्षण कराएं।

O+ और O- में क्या अंतर है?

अंतर Rh फैक्टर में है:

  • O+: Rh-पॉजिटिव, भारत में सबसे आम (35-40%)
  • O-: Rh-नेगेटिव, दुर्लभ (2-3%) O- सार्वभौमिक दाता है (सभी को दे सकता है), जबकि O+ केवल Rh+ व्यक्तियों को दे सकता है। आपातकाल में O- सबसे मूल्यवान है।

माता-पिता A और B हैं, बच्चा O कैसे हो सकता है?

यह पूरी तरह से संभव है! यहां बताया गया है:

  • टाइप A माता-पिता: AO जीनोटाइप हो सकता है
  • टाइप B माता-पिता: BO जीनोटाइप हो सकता है
  • दोनों O एलील देते हैं
  • बच्चा: OO जीनोटाइप = टाइप O ब्लड इसी तरह, A और B माता-पिता से O, A, B, या AB बच्चा हो सकता है।

AB+ ब्लड ग्रुप सबसे अच्छा क्यों है?

AB+ को “सार्वभौमिक प्राप्तकर्ता” कहा जाता है क्योंकि यह सभी 8 ब्लड टाइप से रक्त ले सकता है:

  • A और B दोनों एंटीजन हैं
  • कोई A या B एंटीबॉडीज नहीं
  • Rh-पॉजिटिव है हालांकि, AB+ केवल AB+ को रक्त दे सकता है, इसलिए “सबसे अच्छा” सापेक्ष है। O- सार्वभौमिक दाता के रूप में अधिक मूल्यवान है।

गर्भावस्था में Rh-नेगेटिव होना क्यों महत्वपूर्ण है?

Rh-नेगेटिव माता और Rh-पॉजिटिव बच्चे के बीच असंगति से हेमोलिटिक रोग हो सकता है:

  • माता की प्रतिरक्षा प्रणाली बच्चे की Rh+ कोशिकाओं पर हमला करती है
  • एनीमिया, पीलिया, या गंभीर जटिलताएं
  • RhoGAM इंजेक्शन इसे रोकता है सभी Rh- गर्भवती महिलाओं को 28 सप्ताह और प्रसव के बाद RhoGAM दिया जाता है।

भारत में कौन सा ब्लड ग्रुप सबसे दुर्लभ है?

भारत में सबसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप AB- है, जो 1% से कम जनसंख्या में पाया जाता है। अन्य दुर्लभ टाइप:

  • A- (1-2%)
  • B- (1-2%)
  • O- (2-3%) इनके अलावा, बॉम्बे ब्लड ग्रुप (hh) अत्यंत दुर्लभ है। दुर्लभ ब्लड टाइप वालों को आपातकाल के लिए रक्त बैंकों में पंजीकृत होना चाहिए।

क्या ब्लड ग्रुप बीमारियों को प्रभावित करता है?

अनुसंधान ने कुछ सहसंबंध दिखाए हैं, लेकिन ये छोटे प्रभाव हैं:

  • टाइप A: पेट के कैंसर का थोड़ा अधिक जोखिम
  • टाइप O: हृदय रोग का थोड़ा कम जोखिम, लेकिन अल्सर का अधिक जोखिम
  • टाइप B: अग्न्याशय कैंसर का थोड़ा अधिक जोखिम हालांकि, जीवनशैली, आहार, और जेनेटिक्स बहुत अधिक महत्वपूर्ण हैं। ब्लड ग्रुप के आधार पर स्वास्थ्य निर्णय न लें।

निष्कर्ष (Conclusion)

ब्लड टाइप कैलकुलेटर आपको यह समझने में मदद करता है कि आनुवंशिकी कैसे काम करती है और माता-पिता के ब्लड ग्रुप से बच्चे के संभावित ब्लड टाइप की भविष्यवाणी करती है। यह शिक्षा और जागरूकता के लिए एक उपयोगी उपकरण है, लेकिन यह चिकित्सा परीक्षण का विकल्प नहीं है।

अपना ब्लड ग्रुप जानना महत्वपूर्ण है - यह आपातकालीन स्थितियों में जीवन बचा सकता है। यदि आप अभी तक नहीं जानते हैं, तो रक्तदान करें और अपना ब्लड ग्रुप मुफ्त में जानें। याद रखें कि रक्तदान न केवल दूसरों की मदद करता है, बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

चिकित्सा अस्वीकरण: यह कैलकुलेटर केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यह मेंडेलियन आनुवंशिकी के आधार पर संभावनाओं का अनुमान लगाता है। बच्चे का वास्तविक ब्लड टाइप जानने के लिए, उचित रक्त परीक्षण आवश्यक है। गर्भावस्था, रक्तदान, या स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श करें।

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